आसूओ में बह जायेंगे ना जाने कितने अरमान मेरे
आसूओ में बह जायेंगे, ना जाने कितने अरमान मेरे
कोई थाम लो इनको, कही देर ना हो जाए,
किस्मत से कुछ ज्यादा नहीं माँगा है, कभी मैंने
जो है नसीब मेरा, बस वो मुझे मिल जाए
बेगुनाह जिंदगी को, ना जाने कितनी सजा मिलेगी
किस्मत में शायद लिखा है, के तन्हाई साथ ही चलेगी,
साया जो मेरा साथ छोड़ गया है, आज इन अंधेरो में
शायद कल वो कही मुझे, उजालो में मिल जाए,
जो है नसीब मेरा, बस वो मुझे मिल जाए
कोई थाम लो इनको, कही देर ना हो जाए...!!!
आसूओ में बह जायेंगे ना जाने कितने अरमान मेरे
Reviewed by Tayyab Naveed
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1:29:00 AM
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